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Showing posts from August, 2023

कैसे कहें कितने खास हो तुम!

कैसे कहें कितने ख़ास हो तुम, कि प्यार का एहसास हो तुम। सागर घूंट में पी लिया फिर भी, बुझती नहीं, वो प्यास हो तुम। फासले मीलों के रहे दरमियां, दिल में रहते हो पास हो तुम। अंधेरी रात में रौशनी करे जो, जलते दिए सी आस हो तुम। बेस्वाद ज़िन्दगी थी पहले मेरी, तुम आए लगा मिठास हो तुम। यूं फ़ना हुए तेरी मुहब्बत में कि, मेरी इस रूह का लिबास हो तुम।

हर रात चाँदनी होती !

उन सर्द रातों की सिहरन में तुम्हारे मुखड़े की रोशनी होती। तुम होते तो दिन सुनहरे होते और हर रात चाँदनी होती।। अधर रखो अपने, मेरे अधरों पर अब इतने भी सवाल ना करो। बाहों की चादर में सिमट जाओ रिवाजों का ना ख्याल करो। नींद, सपने, वस्ल, इरादे, वादे इन सब से दुश्मनी  होती। तुम होते तो दिन सुनहरे होते और हर रात चाँदनी होती। मेरी साँसों को तुमने साँसें दे कर मेरे भीतर का अनहद चूम लिया। तुझ संग मेरा नाम जुड़ जाने से मेरा हर अधूरापन झूम लिया। जब आँखों में जगते इक-दूजे के हमारी सारी बातें रेशमी होती। तुम होते तो दिन सुनहरे होते और हर रात चाँदनी होती ।