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प्यार और खूबसूरती की व्याख्या !

मुझे उसे देखना पसंद है,  और उसे चांद की तरह दिखना पसंद है ! वो भी अपने दाग नहीं छुपाती,  आंखों में काजल माथे पर बिंदी नहीं लगाती, नरम होठों को उन्हीं के हाल पर छोड़ देती है,  मुस्कुराते ही समाज के सारे बांध तोड़ देती है, उसे कौन सिखाए संजना संवरना,  बदल ना जाए इस दुनिया का हाल वरना, मैं खुश हूं कि वो आईने से अपना हाल नहीं पूछती,  ये, वो, हां, नहीं बेफिजूल सवाल नहीं पूछती, सोचो अगर वो आंखों में काजल लगा ले,  एक दफा बस अपने उलझे बालों को सुलझा ले, फिर ये जमाना अपना रुख ना बदल दे,  ये हवाएं रुक ना जाए उसे देखने को कहीं! मैने जबसे उसे देखा है मैं हूं वहीं ! उसे देखा है जबसे होश आने लगा है, जमाने का सारा खौफ जाने लगा है, उसे कोई तोहफा देने को जी चाहता है, मगर उसके लायक कुछ कहां आता है, वो माथे पर बिंदी गालों पर रूज नहीं लगाती, वो कानों को झुमके के तले नहीं दबाती, उसे उड़ना पसंद है सोचता हूं उसको हवाएं दे दूं,  उसके पंखों को दिल की सदाये दे दूं, फिर सोचता हूं कि वो क्या करेगी मेरे इन फिजूल इशारों का, उसकी हँसी का तो अपना कारोबार है बहारों का, उसे मेरी ज...